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एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर सख्त रुख दिखा रहे हैं और मिडिल ईस्ट में बड़ा सैन्य जमावड़ा खड़ा कर रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ दुनिया के सबसे बड़े विमानवाहक पोत USS जेराल्ड आर. फोर्ड पर तैनात 5 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक एक अलग ही...

मिडिल ईस्ट में अमेरिकी युद्धपोतों की बढ़ती संख्या और जेनेवा वार्ता की अनिश्चितता के बीच ईरान संघर्ष की तैयारी कर रहा है। ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बावजूद ईरान युद्ध की आशंका स्वीकार कर चुका है।

Iran US News: ईरान के उप विदेश मंत्री ने उम्मीद जताई है कि अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका हमला करेगा तो हम करारा जवाब देंगे.

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच युद्ध की लगाई जा रही अटकलों के बीच आखिर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख क्या है और वह क्या चाहते हैं, इस पर व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया दी है.

ईरान–अमेरिका तनाव के बीच IRGC का लंबी दूरी तक ऑपरेशन करने में सक्षम युद्धपोत “शहीद महदवी” चर्चा में है। रणनीतिक समुद्री मार्गों के पास इसकी तैनाती को ईरान की “फॉरवर्ड डिटरेंस” रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यह पोत हेलीकॉप्टर डेक, ड्रोन ऑपरेशन और कथित मिसाइल क्षमता से लैस बताया जाता है.

करीब 13 अरब डॉलर की लागत से बने इस युद्धपोत में वैक्यूम-आधारित सीवेज सिस्टम लगाया गया था, जिसे पानी की बचत के लिए डिजाइन किया गया था लेकिन यह सिस्टम जहाज पर मौजूद 4,500 से अधिक कर्मियों के दबाव को संभालने में बार-बार फेल हो रहा है।, International Hindi News - Hindustan

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की चेतावनी के बीच, दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड पर तैनात लगभग 5000 सैनिकों को टॉयलेट और सीवेज की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 

US-Iran tension: वॉशिंगटन ने फिलहाल मध्य पूर्व में एक दर्जन से ज्यादा युद्धपोत तैनात किए हैं. इनमें एक विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन, नौ डेस्ट्रॉयर और तीन लिटोरल कॉम्बैट शिप शामिल हैं.

अमेरिका का जेराल्ड आर. फोर्ड जहाज पिछले साल जून से लगातार समुद्र में तैनात है. आमतौर पर एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती नौ महीने की होती है, लेकिन सैन्य गतिविधि बढ़ने पर इसे बढ़ाया भी जाता है.