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ईरान में बीते दो हफ्तों से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। इस बीच अमेरिकी अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान पर संभावित सैन्य हमलों के विकल्पों की ब्रीफिंग दी है।

ईरान में इस समय बहुत बड़ा प्रदर्शन चल रहा है. सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूटा है. इस बीच ईरान की महारानी फराह पहलवी की ताज की चर्चा खूब हो रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि माना जाता है कि वह मुस्लिम दुनिया में कहीं भी ताज पहनने वाली पहली महिला भी थीं.

ईरान विरोध प्रदर्शनों के दौरान मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ईरान इंटरनेशन ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि प्रदर्शनों के दौरान मृतकों की संख्या 12000 तक पहुंच गई है। हालांकि, अभी तक किसी दूसरे स्रोत से ईरान में हुई मौतों के इस आंकड़े की पुष्टि नहीं हो सकी है।

ईरान में सत्ता विरोधी लहर 1979 के बाद सबसे तेज है। पूरी दुनिया की नजर ईरान पर है। अगर ईरान की सत्ता में परिवर्तन होता है तो इससे बड़ा भूराजनीतिक बदलाव होगा और दुनियाभर का बाजार प्रभावित होगा। , International Hindi News - Hindustan

ईरान में तनाव की स्थिति है, प्रदर्शनकारी सड़क से हटने को तैयार नहीं है और ईरानी सरकार दमन का हर रास्ता अख्तियार कर रही है. इस बीच ईरानी पुलिस ने अब अपनी जनता को सूचना तंत्र से पूरी तरह दूर करना शुरू कर दिया है और लोगों के घरों पर लगे डिश टीवी को भी हटा रही है.

Iran Vs America: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब उस मोड़ पर है जहां दुनिया की सांसें थमी हुई हैं. अगर अमेरिका ईरान पर सीधा हमला करता है, तो वह किसी छोटे हथियार से शुरुआत नहीं करेगा. अमेरिका की रणनीती है कि पहले ही दिन दुश्मन को ऐसा सदमा दो की वो उबर ना पाए. इसी रणनीती के तहत अमेरिका अटैक के पहले दिन अपना एक ऐसा पावरफुल ब्रह्मास्त्र भेजेगा जिसके आगे खामेनेई के सारे हथियार नाकाम हो जाएंगे.

Iran Protest: सोल्तानी तेहरान कराज के फरदीस के रहने वाले हैं। उन्हें 8 जनवरी को विरोध प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तार किया गया था। 26 साल के सुल्तानी पर 'अल्लाह के खिलाफ युद्ध छेड़ने' जैसा आरोप लगाया गया, जिसकी ईरान में बस एक ही सजा है, वो है मौत।

राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान में सैन्य कार्रवाई की धमकी पर तेहरान का बयान आया. विदेश मंत्री अब्बास अराधची ने कहा- उनका देश युद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार है. हालांकि हम बातचीत के लिए भी राजी। देखें दुनिया आजतक.

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और सैकड़ों मौतों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बड़े फैसले के मोड़ पर हैं. सैन्य कार्रवाई की चेतावनी के साथ ही ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दबाव बढ़ा दिया है.

ईरान का शासन इस्लामिक मान्यताओं पर आधारित है. इस व्यवस्था को विलायत-ए-फकीह कहा जाता है. इसके तहत ईरान में सर्वोच्च लीडर ही सबसे ज्यादा पावर फुल होता है. माना जाता है कि इस विलायत-ए-फकीह की आवधारणा के चलते ईरान 'सच्चा' इस्लामी मुल्क है.