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उत्तराखंड बोर्ड रिजल्ट, नारायण जगदीशन का रिकॉर्ड शतक, पश्चिम बंगाल वोटिंग बहस, सलीम खान गिरफ्तारी और अमेरिका ईरान तनाव पर पूरी खबर

Strait of Hormuz History: होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का एक बेहद अहम समुद्री रास्ता है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का व्यापार होता है. तेल की खोज के बाद 20वीं सदी में यह इलाका लगातार विदेशी ताकतों और राजनीतिक तनाव का केंद्र बन गया. 1951 में ईरान ने तेल का राष्ट्रीयकरण किया, जिसके बाद ब्रिटेन और ईरान के बीच टकराव बढ़ा और आगे चलकर 1953 की सत्ता परिवर्तन वाली घटनाएं, 1979 की इस्लामी क्रांति और 1980 के ईरान-इराक युद्ध ने इस क्षेत्र को और अस्थिर बना दिया. आज भी होर्मुज़ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे संवेदनशील चोकपॉइंट माना जाता है. लेकिन होर्मुज़ सिर्फ राजनीति और संघर्ष का नाम नहीं है, यह प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है. यहां कुछ बेहद अनोखे बीच हैं,

Delhi News - तेहरान, एजेंसी। ईरान ने शनिवार को अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरानईरान पैकेज::ईरान की चेतावनी, अमेरिका ने नाकाबंदी जारी रखी तो करारा जवाब मिलेगा

ईरान के रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि देश की मिसाइल क्षमता का बड़ा हिस्सा पूरी तरह से सुरक्षित है. यह बयान युद्ध से जुड़ी चिंताओं के बीच आया है. मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि उनकी मिसाइल शक्ति मजबूत और सुरक्षित प्रबंधन के अधीन है. इस बयान के जरिए ईरान ने अपनी रक्षा तैयारियों को लेकर विश्व को आश्वस्त करने का प्रयास किया है. मिसाइल क्षमता के सुरक्षित होने का मतलब यह है कि देश की सैन्य शक्ति प्रभावी और संकट के समय उपयोग के लिए तैयार है.

Delhi News - ईरान ने शनिवार को इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद से कथित संबंधों और जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में भागीदारी के आरोप में इरफान कियानी को फांसी दी। न्यायपालिका की न्यूज एजेंसी 'मीजान' ने उसे कई आरोपों में दोषी ठहराया। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि ईरान में न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है।

अमेरिकी नौसेना का गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर यूएसएस राफेल फाल्टा ने ईरान के खिलाफ जारी समुद्री नाकेबंदी के तहत एक ईरानी झंडे वाले जहाज को रोक कर उसे वापस लौटने का आदेश दिया है. यह कार्रवाई यूएस सेंट्रल कमांड के निर्देशों के मुताबिक हुई है जो समुद्री मार्ग पर किसी भी जहाज को नाकेबंदी पार नहीं करने देती. इस नाकेबंदी का उद्देश्य ईरान की गतिविधियों को सीमित करना और क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखना है. अब तक किसी भी जहाज ने इस नाकेबंदी को पार नहीं किया है, जिससे इसकी प्रभावशीलता साबित होती है। इस घटना से अमेरिका की समुद्री सुरक्षा रणनीति और क्षेत्र में नियंत्रण की स्थिति स्पष्ट होती है.

नई उम्मीदों के साथ पाकिस्तान इस्लामाबाद टॉक्स की मेजबानी कर रहा है तो ईरान और अमेरिका महायुद्ध को खत्म करने के लिए जुट रहे हैं. उम्मीदें नई हैं लेकिन दोनों की शर्तें पुरानी. ईरान के दिल में टीस इतनी है कि उसने अमेरिका के साथ बैठकर बातचीत करने से ही साफ मना कर दिया है यानी बात होगी तो पाकिस्तान के जरिए. अब देखना दिलचस्प होगा कि दिल और दिमाग की कशमकश दोनों मुल्कों को स्थायी सीजफायर की तरफ लेकर जाती है या फिर अगले 24 घंटे में फिर शुरू हो जाएगा महायुद्ध का काउंटडाउन.

अमेरिका के हडसन इंस्टीट्यूट के कार्यक्रम में माधव ने पिछले दिनों कहा था, ‘भारत ईरान से तेल खरीदना बंद करने पर सहमत हो गया, अपने विपक्ष की आलोचना के बावजूद हम रूस से तेल खरीदना बंद करने पर सहमत हो गए।’, India News in Hindi - Hindustan

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान दौरे के दौरान आर्मी चीफ आसिम मुनीर से मुलाकात की. वह ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ इस्लामाबाद पहुंचे.यह दौरा ऐसे वक्त हो रहा है, जब अमेरिकी वार्ताकार भी पाकिस्तान आने वाले हैं. हालांकि ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी अमेरिकी प्रतिनिधियों से किसी तरह की बातचीत की फिलहाल कोई योजना नहीं है.

सरकार ने कहा ईरान इजरायल अमेरिका वार के बावजूद उर्वरक सप्लाई सुरक्षित है. स्टॉक जरूरत से ज्यादा है. यूरिया सस्ता है. जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई होगी. सरकार ने इसके लिए राज्‍य सरकारों को आदेश दिया है.