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देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने ज़िन्दगी के पिंजरे को तोड़ने की इजाजत दी थी. 13 साल से खामोश पड़े हरीश की आखरी रस्म अदायगी भी पूरी हो चुकी थी. 13 मार्च की रात हरीश के घर में उनकी आखरी रात थी, लेकिन शायद उन्हें इसकी खबर नहीं थी. यह कहानी एक लंबे संघर्ष की आखिरी पड़ाव को दर्शाती है, जहां न्याय और इजाजत ने इंसान को उसकी आज़ादी दिलाई.

ईरान-इज़राइल-अमेरिका तनाव के बीच, पाकिस्तान की काबुल एयरस्ट्राइक को डायवर्जन रणनीति माना जा रहा है. भारतीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट.

सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद हरीश राणा की इच्छा मृत्यु यानी पैसिव यूथिनेशिया की प्रक्रिया एम्स में शुरू कर दी गई है. हरीश करीब 13 साल से वेजिटेटिव स्टेट में थे और अब डॉक्टर्स की निगरानी में उनकी स्थिति का ध्यान रखा जा रहा है. एम्स ने इस प्रक्रिया के लिए पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड बनाया है. इसमें न्यूरोलॉजी, एनेस्थीसिया और अन्य विशेषज्ञ विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर्स शामिल हैं. बोर्ड हरीश की हालत का लगातार मूल्यांकन कर रहा है. हरीश फिलहाल वेंटिलेटर पर नहीं हैं और केवल नॉर्मल नुट्रिशन सपोर्ट पर हैं. उनके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया है और सुनने, समझने और बोलने की क्षमता समाप्त हो चुकी है. इसके बावजूद वे स्वाभाविक सांस ले रहे हैं परिवार और डॉक्टर्स ने सुनिश्चित किया है कि हर कदम मेडिकल एथिक्स और कानूनी गाइडलाइन्स के अनुसार उठाया जाए. अगर प्रक्रिया के दौरान उनकी तबियत बिगड़े तो वेंटिलेटर सपोर्ट नहीं दिया जाएगा. भारत में यह सुप्रीम कोर्ट की अनुमति से होने वाला पहला ऐसा मामला है. इस प्रक्रिया में लंबा समय लगता है और हर केस में मेडिकल, प्रोटोकोल और स्थिति का आंकलन जरूरी होता है. इस मामले ने इच्छा मृत्यु पर समाज में बहस को फिर से तेज कर दिया है. जहां दुनिया के कुछ देशों में एक्टिव यूथिनेशिया कानूनी है, भारत में केवल पैसिव यूथिनेशिया की अनुमति है.

national holiday case | Guru Gobind Singh Jayanti | Supreme Court - गुरु गोविंद सिंह जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश की घोषणा करे सुप्रीम कोर्ट, जस्टिस मेहता क्या बोले?

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और रिजर्व बैंक से पूछा कि मृतकों के बैंक खातों का विवरण कानूनी वारिसों को क्यों नहीं दिया जा सकता, स्पष्ट नीति बनाने का निर्देश दिया.

बच्चा गोद लेने वाली महिलाओं के लिए सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, 12 हफ्ते तक मिल सकेगा मैटरनिटी लीव

Countries where paternity leave is law: हमसानंदिनी नंदूरी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि बच्चा गोद लेने वाली मां को भी मैटरनिटी लीव का अधिकार है. वहीं, फैसले में सर्वोच्च न्यायालय ने केन्द्र सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि वे पिता के लिए भी पैटरनिटी लीव का कानून बनाने पर विचार करें.

हरीश राणा को सुप्रीम कोर्ट ने इच्छामृत्यु की इजाज़त दे दी. वो पिछले 13 सालों से वेजिटेटिव स्टेट में हैं. यानी वो जिंदा तो हैं. लेकिन उन्हें पता नहीं कि उनके आसपास क्या चल रहा है. इसके अलावा, हरीश को क्वाड्रिप्लेजिया नाम की एक गंभीर कंडीशन थी.

याचिकाकर्ता ने कहा कि गोद लिए गए बच्चे को नए परिवेश में सहज करना जरूरी है. मां के साथ बच्चे का रिश्ता विकसित करने के लिए गोद लेने वाली सभी महिलाओं को बिना शर्त मातृत्व अवकाश दिया जाना चाहिए.

Maternity Leave: कोर्ट ने कहा कि गोद लेने वाली सभी महिलाएं गोद लेने की तारीख से 12 हफ्ते की छुट्टी की हकदार होंगी.