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Iran News: तेहरान की सड़कों पर उमड़ा यह जनसैलाब और जश्न की तस्वीरें डोनल्ड ट्रंप के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं हैं, क्योंकि जिस 'रिजाइम चेंज' (सत्ता परिवर्तन) का सपना दिखाकर अमेरिका दबाव बना रहा था, वहां तो पासा ही पलट गया है. ईरान ने न केवल अमेरिकी धमकियों के आगे झुकने से इनकार किया, बल्कि 2026 के इस तनावपूर्ण दौर में पाकिस्तान की मध्यस्थता वाले 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को आगे बढ़ाकर कूटनीतिक जीत हासिल कर ली है. ट्रंप ने 'पूरी सभ्यता' मिटाने तक की चेतावनी दे डाली थी, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि उन्हें खुद दो हफ्ते के सीजफायर और बातचीत के लिए राजी होना पड़ा है. तेहरान की सड़कों पर लोग अमेरिकी और इजरायली झंडे जलाकर अपनी सरकार के अडिग रहने का जश्न मना रहे हैं.

US Iran Ceasefire: ईरान जंग पर ट्रंप के सीजफायर के बाद पाकिस्तान ने ट्वीट किया था. मेजर गौरव आर्य ने साफ किया है कि इस ट्वीट में पाकिस्तान की कोई बड़ी भूमिका नहीं थी. उन्होंने कहा कि यह ट्वीट किसी पाकिस्तान अधिकारी ने नहीं बनाया. यह बस एक ड्राफ्ट था, जो गलती से पोस्ट हो गया. आर्य के मुताबिक, अमेरिका जो कहे, पाकिस्तान उसे बस पूरा करता है. शहबाज शरीफ का संदेश भी अमेरिका की स्क्रिप्ट के अनुसार ही तैयार हुआ. पाकिस्तान ने केवल बातचीत के दौरान सुविधाएं दीं, जैसे चाय-पानी और बैठक की मेज़बानी. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने इसमें कोई रणनीतिक भूमिका नहीं निभाई. व्हाइट हाउस में लंच का बिल भी पाकिस्तान ने सिर्फ़ पूरा किया. पाकिस्तान ने केवल वही किया जो अमेरिका ने कहा. आर्य ने कहा, 'जो देश टी-20 मैच भी नहीं कर सकता, वह सुलह कैसे करवा सकता है? पाकिस्तान की भूमिका केवल वही है जो अमेरिका बताए.' इससे साफ होता है कि पाकिस्तान सिर्फ मदद करने वाला था और कोई बड़ा फैसला उसमें शामिल नहीं था.

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ईरान अमेरिका युद्ध विराम से कच्चे तेल के दाम तेरह से सत्रह प्रतिशत गिरे, भारत में पेट्रोल डीज़ल एलपीजी सस्ते होने की उम्मीद, असर धीरे दिखेगा

US Iran Ceasefire: ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अब सीजफायर के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर बदलते नजर आ रहे हैं. युद्ध के दौरान उनके सख्त बयान चर्चा में रहे, लेकिन अब रुख कुछ नरम दिखाई दे रहा है. सबसे पहले 28 फरवरी 2026 को ट्रंप ने कहा था कि ईरान को बिना शर्त सरेंडर करना होगा. यानी अमेरिका किसी भी शर्त को मानने के मूड में नहीं था. इसके बाद 12 मार्च को उन्होंने साफ कहा कि ईरान को यूरेनियम संवर्धन रोकना होगा. हालांकि अब ईरान की ओर से रखी गई शर्तों में यह साफ है कि वह अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखना चाहता है. 5 अप्रैल को ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अंतिम अल्टीमेटम दिया. लेकिन यह समय खत्म होने से पहले ही उनके रुख में बदलाव देखने को मिला. 7 अप्रैल को उनका बयान और ज्यादा सख्त हो गया. उन्होंने कहा कि अगर ईरान नहीं माना तो उसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा और 'आखिरी रात' जैसी चेतावनी भी दी. लेकिन 8 अप्रैल आते-आते तस्वीर बदल गई. ट्रंप ने दो हफ्तों के सीजफायर का ऐलान कर दिया और तनाव को फिलहाल रोकने का फैसला लिया गया. कुल मिलाकर, कुछ ही दिनों में ट्रंप के बयान सख्ती से नरमी की ओर जाते दिखे. अब सबकी नजर इस बात पर है कि यह सीजफायर आगे शांति में बदलता है या फिर हालात फिर से बिगड़ते हैं.

Top News Today: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि ईरान को सैन्य हथियार आपूर्ति करने वाले किसी भी देश पर अमेरिका तुरंत 50 प्रतिशत टैरिफ लगा देगा, India News in Hindi - Hindustan

ईरान जंग में CIA ने पहली बार ‘घोस्ट मरमर’ नाम की सीक्रेट टेक्नीक का इस्तेमाल किया. यह क्वांटम मैग्नेटोमीट्री और AI से 64 किलोमीटर दूर से इंसान की दिल की धड़कन पकड़ लेती है. इससे ईरान में गिरे दूसरे अमेरिकी पायलट को 48 घंटे बाद पहाड़ की दरार से सुरक्षित बचाया गया.

ईरान के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि तेहरान ने हमेशा शांति और परमाणु हथियारों से दूरी की नीति अपनाई है। उन्होंने संघर्ष के दौरान भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए 3,000 छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का दावा किया और युद्धविराम जारी रहने की उम्मीद जताई।

Pakistan Diplomacy Ceasefire Iran Vs US War, Read Explainer: पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर ने सीजफायर में भूमिका निभाई। लगातार फोन कॉल्स के जरिए अमेरिका और ईरान को बातचीत पर लाया गया।

Irans Supreme Leader representative visits Sachkhand Sri Harmandir Sahib. Follow latest updates on this special invitation. ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत में प्रतिनिधि के उप-प्रतिनिधि डॉ. मोहम्मद हुसैन जियायेनिया आज सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे और नतमस्तक हुए। इस मौके पर उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) के अधिकारियों से मुलाकात की और SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी तथा श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को दिल्ली में होने वाले विशेष कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया।