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आजकल हेडफोन और ईयरबड्स के ज्यादा इस्तेमाल से कान दर्द बढ़ रहा है और आयुर्वेद इसे वात दोष से जोड़ता है. इस दर्द से बचने के लिए होममेड नुस्खा अपनाया जा सकता है. इसके लिए अदरक, सेंधा नमक और सरसों तेल की बूंदें हल्के दर्द में राहत दे सकती हैं. आइए जानते हैं इसके फायदे...

यूनानी दवाओं के एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी के मुताबिक आम सेहत के लिए उपयोगी है लेकिन इसे कुछ फूड्स के साथ खाकर आप उसके फायदे की जगह नुकसान पा सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार आम खाने के भी कुछ कड़े नियम हैं।

Nirgundi Benefits: रीवा आयुर्वेद हॉस्पिटल के डीन ने बताया, चरक और सुश्रुत संहिता में निर्गुंडी को विषनाशक और कृमिनाशक गुणों के लिए जाना जाता है. यह वात और कफ दोष को संतुलित करती है, दर्द कम करती है और सूजन, घाव, तथा बैक्टीरिया को नष्ट करती है. जानें और फायदे...

Sudarshan Benefits : सुदर्शन का पौधा अपने औषधीय गुणों के लिए जगत विख्यात है. इसके पत्ते, जड़, तना और दूसरे हिस्से सेहत के लिए रामबाण हैं. लोकल 18 से बाराबंकी के चिकित्सक अमित वर्मा बताते हैं कि सुदर्शन में पाए जाने वाले ग्लूकेन, कार्बनिक अम्ल, सैपोनिन, अमीनो अम्ल और एल्कलॉइड जैसे पोषक तत्व कई गंभीर बीमारियों से बचाते हैं. सुदर्शन का पौधा घाव भरने में भी सहायक है. चर्म रोगों में सुदर्शन की पत्तियों का रस फायदेमंद है.

Mother after delivery ayurveda lifestyle tips: आयुर्वेद के अनुसार डिलीवरी के बाद का समय महिलाओं के लिए पुनर्जन्म जैसा होता है. इस दौरान मां को अपनी सेहत के साथ बच्चे के पोषण का भी ख्याल रखना पड़ता है. आइये जानते हैं कि आयुर्वेद में डिलीवरी के बाद महिलाओं के स्वस्थ जीवन के लिए क्या उपाय बताए गए हैं...

Sattvic Diet Benefits: सात्विक आहार क्या है और इसके क्या फायदे हैं? जानिए आयुर्वेद के अनुसार यह कैसे शरीर, मन और इम्यूनिटी को बेहतर बनाता है.

मुलेठी आयुर्वेद में एक बेहद गुणकारी औषधि मानी गई है। इसका स्वाद मीठा होता है और यह औषधीय गुणों से भरपूर है। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि मुलेठी खाने से सेहत को क्या क्या फायदे मिलते हैं।

प्रेग्नेंसी में हार्मोनल बदलाव और गर्भाशय के बढ़ते आकार के कारण अपच और सीने में जलन होना एक सामान्य बात है। लेकिन यह काफी असहज हो सकता है। यहां हम कुछ आसान घरेलू नुस्खे के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप अपच की समस्या से छुटकारा पा सकती हैं।

मच्छरों से निपटने के लिए बाजार के महंगे और हानिकारक स्प्रे के बजाय आप नीम, प्याज-लहसुन के छिलके, लौंग और तेजपत्ते का प्राकृतिक मिश्रण तैयार कर सकते हैं.

Benefits of nutmeg for children: जायफल (jaifal) एक मसाला है, जो गोल और भूरे रगं का होता है, मगर बहुत हार्ड. इसका आयुर्वेद में कई रोगों को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. जायफल तेज सुगंध और गर्म स्वाद के लिए जाना जाता है. कई तरह के औषधीय गुणों से भरपूर जायफल बच्चों के लिए भी फायदेमंद होता है. हालांकि, बच्चों को जायफल देने से पहले सही मात्रा और खिलाने का तरीका जरूर किसी एक्सपर्ट से पूछ लें.