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Cancer Prevention Foods: कैंसर अब युवाओं के बीच भी तेजी से बढ़ रहा है। जाने-माने गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ सौरभ सेठी ने ऐसे 5 फूड्स के बारे में बताया है, जो कैंसर के रिस्क को कम कर सकते हैं। डॉक्टर इन्हें अपनी डेली डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं।, हेल्थ टिप्स Hindustan

मच्छरों को भगाने के लिए हम कई तरह के उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं। इससे मच्छर तो भाग जाते हैं लेकिन ये सेहत के लिए किसी खतरे से कम नहीं है। रिसर्च के मुताबिक, ये कैंसर जैसी बीमारी के तत्व बनाता है।, हेल्थ टिप्स Hindustan

Cervical Cancer Prevention: सरकार लगातार हेल्थ के मामलों के लेकर बड़े फैसले ले रही है. इसी कड़ी में सरकार ने सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए वैक्सीनेशन शुरू करने का फैसला किया है.

भारत सरकार HPV टीकाकरण कार्यक्रम शुरू कर रही है, Gardasil वैक्सीन से 14 साल की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने का लक्ष्य है. अधिक जानें.

मेदांता हॉस्पिटल गुरुग्राम में स्त्री रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग संबंधी एंडोस्कोपिस्ट डॉक्टर सभ्यता गुप्ता ने बताया सर्वाइकल कैंसर यानी बच्चेदानी के मुंह का कैंसर है। ये कैंसर मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण के कारण होता है, जो गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में असामान्य बदलाव पैदा करता है।

Cervical Cancer Prevention: सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामले वाकई में चिंता का विषय हैं। आइए जानते हैं कि इसकी रोकथाम के लिए सरकार ने क्या बड़ा फैसला लिया है?

Cancer Risk: एयर फ्रायर को ले कर सोशल मीडिया पर एक दावा किया जा रहा है, जिसके मुताबिक एयर फ्रायर में बना खाना कैंसर का कारण बन सकता है। क्या वाकई इस दावे में कुछ सच्चाई है या नहीं? कैंसर विशेषज्ञ डॉ वर्तिका ने इसी बारे में बताया है।, हेल्थ टिप्स Hindustan

क्या आप जानते हैं कि आपके आसपास में लगा नीम का पेड़ असल में एक 'मिनी हॉस्पिटल' है? रामपुर के डॉक्टर गुंजन अग्रवाल के मुताबिक, सिर्फ 5 नीम की पत्तियां आपके लिवर को एक्टिव कर सकती हैं, खून को साफ कर सकती हैं और यहां तक कि कैंसर सेल्स को भी पनपने से रोक सकती हैं. आखिर कैसे नीम आपके शरीर के लिए एक 'फिल्टर' की तरह काम करता है? आयुर्वेद के अनुसार नीम का काम सिर्फ दातुन का ही नहीं यह हर बीमारी के लिए काल है.

सीके बिरला अस्पताल दिल्ली ने 50 ब्रेस्ट कैंसर मरीजों की सफल रोबोटिक सर्जरी की, जिसमें पूरे ब्रेस्ट नहीं काटने पड़े. नई तकनीक से इलाज आसान.

एम्स और राजीव गांधी कैंसर संस्थान द्वारा किए गए इस अध्ययन में 5,419 बच्चों के डेटा का विश्लेषण किया गया।