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World Plastic Surgery Day: प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी, शारदाकेयर हेल्थसिटी  के डॉक्टर तन्मय रॉय के अनुसार प्लास्टिक सर्जरी ना केवल खूबसूरती बढ़ाने के लिए है. प्लास्टिक सर्जरी गंभीर दुर्घटना जैसे जलने पर, या फिर कोई जमजात कमी और कैंसर जैसी बीमारी में शरीर के हिस्से को हुए नुकसान को ठीक करके मरीज को जीने की नई उम्मीद देती है.   

दिल्ली के सरकारी अस्पताल DSCI में कैंसर के इलाज के लिए ब्रैकीथेरेपी की शुरुआत की गई है. आमतौर पर कैंसर का इलाज इस थेरेपी से कराने वाले मरीजों को प्राइवेट अस्‍पताल में करीब 3 लाख रुपये तक का खर्च करना पड़ जाता है. जब‍क‍ि इस अस्‍पताल में मुफ्त इलाज मिलेगा.

नई रिसर्च में पाया गया है कि शुगर-स्वीटेड बेवरेजेज कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती है. शोध में संतरे के जूस को भी कैंसर से जोड़ा गया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि अधिक चीनी का सेवन वजन बढ़ाता है, जो कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है.

क्या ब्रेड खाने से कैंसर होता है, क्या गैस पर सिंकी रोटियां खाने से कैंसर का खतरा बढ़ रहा है? लोगों के मन में आने वाले ऐसे सवालों का जवाब फेमस कैंसर सर्जन डॉक्टर जयेश शर्मा ने दिया। आइये जानते हैं इसकी सच्चाई क्या है?

कोलन कैंसर काफी खतरनाक साबित हो सकता है। शुरुआत में इसके लक्षण नजर नहीं आते इसलिए लोग इसे नजरअंदाज कर जाते हैं। जानिए महिलाओं में कोलन कैंसर के लक्षण और कारण क्या हैं?

सुबह जिम में पसीना बहाना या रोजाना सुबह टहलना अच्छी आदत है, लेकिन अगर दिन के बाकी 8-10 घंटे कुर्सी पर बैठे-बैठे गुजरते हैं तो यह आपकी सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

एक नए अध्ययन में पाया गया है कि नियमित रूप से कॉफी पीने वालों में लिवर सिरोसिस, लिवर कैंसर और लिवर से जुड़ी मौत का खतरा कम हो सकता है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल लिवर की सुरक्षा के लिए कॉफी पीना शुरू नहीं करना चाहिए.

धर्मशिला नारायण सुपरस्पेशलिटी अस्पताल दिल्ली में सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. नीरज गोयल ने बताया कि बॉडी में दिखने वाले कुछ बदलाव कोलन कैंसर का संकेत हो सकते हैं, जिन्हें समय रहते समझना जरूरी है।

Cancer Survivors: कैंसर का इलाज खत्म होने के बाद भी नियमित जांच, सही खानपान, मानसिक सहारा और बेहतर देखभाल जरूरी है, ताकि मरीज स्वस्थ और बेहतर जिंदगी जी सकें.

Cancer Drug kerala Case : एक मामला केरल हाईकोर्ट से सामने आया है. यहां कैंसर की लाइफ सेवर दवा रिबोसिक्लिब को सस्ती दर पर उपलब्ध कराने की मांग वाली याचिका 57 बार सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुई.