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Petrol Price Today 16 March 2026: तेल कंपनियां रोज पेट्रोल की कीमतें (Petrol Price) अपडेट करती हैं, जिसका असर आपकी जेब पर पड़ता है. टैंक फुल करवाने से पहले पेट्रोल रेट (Petrol Rate) चेक करें.

Diesel Price Today 16 March 2026: तेल कंपनियां रोज डीजल की कीमतें (Diesel Price) अपडेट करती हैं, जिसका असर आपकी जेब पर पड़ता है। टैंक फुल करवाने से पहले डीजल रेट (Diesel Rate) चेक करें.

Petrol Rate : पेट्रोल की कीमतें अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग होती हैं. शहरों, गांवों और हाईवे पर बने पंपों के कमीशन में भी फर्क होता है.

एलपीजी (Liquid Petroleum Gas) सिलेंडर की तंगी क्या न कराए। कहीं रेस्टोरेंट या ठेले वालों ने चाय-पकौड़े की कीमत बढ़ा दी है तो कहीं रेस्टोरेंट ही बंद हो गए हैं। अब बेंगलुरु से खबर आई है कि एक रेस्टोरेंट ने तो 'गैस क्राइसिस चार्ज' वसूलना शुरू कर दिया है।

Bangladesh to import 45,000 tons of diesel from India. LPG cylinders black marketing rises. ₹950 domestic gas cylinder sold at ₹3500 in black. भारत से 45,000 टन डीजल खरीदेगा बांग्लादेश, विदेशी-निवेशकों ने भारतीय बाजार से 15-दिन में ₹52,704 करोड़ निकाले।

LPG Crisis: देश में एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत जारी है। वहीं सरकार ने कहा है कि देश में तेल और रसोई गैस की कोई तंगी नहीं है। गैस के कई और टैंकर देश में आने वाले हैं।

Petrol-Diesel Price Hike:  मिडिल ईस्ट जंग की वजह से कच्चे तेल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुकी है. महंगे तेल की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं. सप्लाई रूकने की वजह से LPG संकट पैदा हो गया है. भारत में पड़ोसी देश में सिलेंडर के दाम एक साथ 296 रुपये बढ़ा दिए गए.  

Fuel Crisis in Nepal : भारत के पड़ोसी देश नेपाल में भी तेल और ईंधन का संकट गहराता जा रहा है. नेपाल ने रविवार रात से ही पेट्रोल के दाम 31 रुपये लीटर बढ़ा दिए हैं तो डीजल अब 54 रुपये लीटर महंगा हो गया है. एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी एकमुश्‍त 296 रुपये की बढ़ोतरी की गई है.

LPG Update : सरकार ने एक बार फिर दावा किया है कि देश के किसी भी हिस्‍से में एलपीजी या पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है. सरकार ने कहा कि महज 2 दिन में ही एलपीजी बुकिंग में 12 लाख की गिरावट आई है. 13 मार्च को यह करीब 89 लाख था, जो 15 मार्च को घटकर 77 लाख रहा गया है.

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष का असर अब सिर्फ युद्ध तक सीमित नहीं रहा. इसका आर्थिक झटका दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को महसूस होने लगा है. तेल, गैस और खाद की आपूर्ति प्रभावित होने से महंगाई बढ़ने और आर्थिक संकट की आशंका बढ़ गई है.