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Spice Prices in Jaipur: मिडिल ईस्ट के हालात ने राजस्थान के मसाला बाजार की रफ्तार को धीमा कर दिया है, जिसका असर लंबे समय तक देखने को मिल सकता है. पढ़ें पूरी खबर.

संयुक्त अरब अमीरात ने 1 मई 2026 से ओपेक और ओपेक प्लस से बाहर होने का फैसला लेकर वैश्विक तेल बाजार को हिला दिया है. इससे सप्लाई बढ़ने और कीमतों पर दबाव आने की संभावना है. यूएई दुनिया के बड़े तेल उत्पादकों में है और भारत के लिए भी एक अहम सप्लायर है. ऐसे में इस फैसले का असर सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और तेल आयात लागत पर पड़ सकता है.

यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) ने मंगलवार (28 अप्रैल) को कच्चे तेल का निर्यात करने वाले देशों के ऑर्गेनाइजेशन ओपेक और ओपेक प्लस से अलग होने का ऐलान कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान के साथ जारी युद्ध की वजह से दुनिया भर में एनर्जी यानी ऊर्जा संकट गहराया हुआ है। United Arab Emirates has announced it is leaving OPEC and OPEC+ from May 1, 2026, citing differences over Iran war response. This move weakens the oil cartel, may increase US control over oil markets and bring relief to India with potential lower crude prices despite Hormuz tensions.

UAE ने कहा कि वह वैश्विक ऊर्जा बाजार में भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपनी भूमिका निभाता रहेगा. विशेषज्ञों के मुताबिक, यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब UAE और सऊदी अरब के बीच कई आर्थिक मुद्दों को लेकर मतभेद बढ़े हैं.

अमेरिका-ईरान तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संभावित नाकेबंदी के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल जारी है। इसी बीच भारत के लिए एक अहम खबर सामने आई है रूस से कच्चे तेल के आयात में अप्रैल महीने में गिरावट दर्ज की गई है।

रॉबर्ट कियोसाकी (Robert Kiyosaki) मशहूर किताब रिच डैड पुअर डैड (Rich Dad Poor Dad) के लेखक, एक बार फिर संभावित आर्थिक संकट को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में कहा है कि 2026-27 में बड़ा मार्केट क्रैश आ सकता है। जिसमें जो निवेशक डर जाएंगे...

Strait of Hormuz: ट्रैकिंग डेटा के अनुसार 31 मार्च के बाद Mubaraz टैंकर ने पहचान छिपाने के लिए अपना सिग्नल भेजना बंद कर दिया था, लेकिन 27 अप्रैल को यह भारत के पश्चिमी हिस्से के पास फिर से दिखाई दिया। वर्तमान में यह जहाज चीन के एक टर्मिनल की ओर बढ़ रहा है और इसके 15 मई तक वहां पहुंचने की उम्मीद है

Bagmane Group REIT IPO: मार्केट में आने से पहले ही कंपनी ने निवेशकों का भरोसा जीत लिया है। कंपनी ने हाल ही में प्री-IPO राउंड में '360 One Asset Management' से ₹600 करोड़ जुटाए गए। कंपनी अब तक कुल ₹4,765 करोड़ जुटा चुकी है

भीषण गर्मी के कारण देश की राजधानी दिल्ली में बुरा हाल है। यहां कई बड़े प्रमुख बाजार हैं, लेकिन ग्राहक ना होने से सड़कें सूनी हैं। कारोबारियों को रोजाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें फिर से 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच रही हैं. यह स्तर भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चिंता का कारण माना जाता है. तेल की कीमतों में तेजी का असर महंगाई से लेकर रुपये तक कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है. ऐसे में कुछ अहम संकेत हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारत के लिए भारी पड़ सकता है.